Hosting क्या होती है और बेस्ट होस्टिंग कैसे चुनें?

नमस्ते अगर हमें कोई फाइल रखनी होती है, या फिर आप यह कह सकते हो सेव करनी होती है, तो हम अपने कंप्यूटर में करते हैं या फिर अपने मोबाइल में करते है ।

पर आपने कभी सोचा है की यह जो वेबसाइट होती है या एप्स होती है इनकी जो फाइल है मतलब इनमें इमेजेस का इस्तेमाल किया जाता है, Video होती है, वेबसाइट का कोड होता है तो यह सब रहता कहां पर है ।

तो मेरे दोस्तों यह रखा जाता है होस्टिंग में यानी किसी ऑनलाइन कंप्यूटर में, तो आज हम इस ब्लॉग के जरिए समझने वाले हैं की आखिर यह होस्टिंग क्या चीज है, इसका मतलब हम समझेंगे और पूरी जानकारी लेंगे होस्टिंग के बारे में।

इस पोस्ट में हम इसके बारे में जानेगे

  1. होस्टिंग का मतलब क्या होता है?
  2. होस्टिंग में क्या-क्या चीजें होती हैं?
  3. होस्टिंग के प्रकार
  4. बेस्ट Hosting कैसे चुने?
  5. इस पोस्ट में हमने इन चीजों के बारे में जाना?
  6. संबंधित प्रश्न

1) होस्टिंग का मतलब क्या होता है? (What is Hosting in Hindi)

Hosting ka matalab kya hota hai

होस्टिंग एक कंप्यूटर ही होता है जोकि हमें अपनी वेबसाइट ऑनलाइन होस्ट करने में मदद करता है इसे हमें रेंट पर लेना होता है।


इसका मतलब ऐसा कंप्यूटर है जिसमें हम हमारी वेबसाइट की जो भी फाइल हैं उसे रख सकते हैं। जैसे हम अपने दुकान के लिए कोई कमरा (रूम) बनाते हैं। उसी प्रकार हमें ऑनलाइन कोही चीज रखने के लिए कोही कंप्यूटर की जरूरत होती है, और यही काम करता है होस्टिंग। 

इसे Server भी कहा जाता है, क्योंकि यह  हमें सर्विस प्रोवाइड करता है। सिंपल भाषा में इंटरनेट नामक बाजार में कस्टमर को हम Client बोलते हैं और जो दुकानदार है उसे हम सर्वर बोलते हैं, जो कि हमें कुछ सर्विस प्रोवाइड करता है।


जिसके बिना हम इंटरनेट में किसी और से नहीं Connect हो सकते यह इंटरनेट एक नेटवर्क है। और नेटवर्क एक बजार (Markets) जिसमें दुकानदार मतलब सर्वर और कस्टमर मतलब Client है ।

2) होस्टिंग में क्या-क्या चीजें होती हैं?

Hosting एक कम्प्यूटर होने के कारण इस्मे भी वही चीज होती है जोकी एक कम्प्युटर मे होती है । इसके आलावा भी  हमे कुछ और चीजे देखनी होती है, क्युकी यह ऑनलाइन है। तो कुछ और सर्विसेस होती है।और इसके अलावा कम्प्युटर की कुछ चीजे हमे देखने की जरूरत नही होती। तो अब हम समजते हे क्या-क्या जरुरी चीजे होती होस्टिंग खरीदने से पहिले।

1) Processor

Processor.

यह जो है कंप्यूटर का दिमाग होता है, इसका काम होता है प्रोसेस करना।  कंप्यूटर में जितनी भी प्रोसेस होती है वह प्रोसेसर के बिना नहीं हो सकती। 

तो हम जो होस्टिंग लेते हैं उसके अंदर हमें प्रोसेसर देखना होता है क्योंकि जब हमारे Website में कोही प्रोसेस होंगी तो वे  कितनी जल्दी होती है और कितनी अच्छी होती हैं यह निर्भर करता है Processor पर।

 RAM

Random-accAess memory

Hosting अगर कंप्यूटर है  तो कंप्यूटर के अंदर RAM होती है। मतलब Random-access memory जिसका काम होता है जो प्राइमरी जो प्रोसेस चल रही है उसको स्टोर करना या उस प्रोसेस को जितना भी स्टोरेज लग रही है उसे प्रोवाइड करना। 


तो अगर हमारी वेबसाइट के अंदर RAM कम होगी तो हमारे वेबसाइट में प्रोसेस कम होगी इतनी जल्दी से वो प्रोसेस नहीं पाएंगे, जब भी Server लोतो  RAM का खास ध्यान रखना होता है।

HHD

HHD

HHD (Hard Disk Drive) यानी हमारे वेबसाइट के अंदर जो भी फाइल्स होती है वो रहती है हार्ड डिस्क के अंदर।

तो हमारे वेबसाइट के साइज के हिसाब से हमें HHD लेनी होती है। तो आप जब भी HHD  चुनो तब  आप अपनी वेबसाइट की साइज जरूर चेक कर लेना।

एक और चीज होती है HHD के अंदर वह होती है स्पीड, की हार्ड की  कितनी स्पीड है। क्योंकि जब कोई डांटा उसको बाहर फेंकना होंगा अपलोड करना होगा तब यह स्पीड मैटर करती है।

SSD

ssd

SSD (solid-state drive) यह HHD काही अगला version है  जिसके अंदर HHD के मुकाबले कही गुना आछी स्पीड होती है, और इसमें हम ज्यदा चीजो को स्टोर भी कर सकते है।

OS (Operating System)

अब तक हमने हार्डवेयर के बारे में बात करी अब हम कुछ सॉफ्टवेयर रिलेटेड बातें करते हैं तो जब हम सॉफ्टवेयर की बात करते हैं। तो सबसे पहली चीज आती है, ऑपरेटिंग सिस्टम  मतलब किस ऑपरेटिंग सिस्टम में आप अपनी वेबसाइट होस्ट करने वाले हो ।

ऑनलाइन में ज्यादातर दो ही ऑपरेटिंग सिस्टम का यूज किया जाता है पहली विंडोज और दूसरी लिनक्स। विंडोज पेड़ होने के कारण इसे यूज करने के लिए उन्हें पैसे देने पड़ते हैं। 

इसीलिए विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम से महंगी आती है। और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम फ्री और ओपन सोर्स होने के कारण इसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। इसीलिए लिनक्स होस्टिंग सस्ती होती है और ज्यादातर वेबसाइट इसी ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते है।

Panel

Cpanel

समझो अब आपने लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम अपने Sever के लिए चुनी पर अब आपको लिनक्स आती ही नहीं है, तब आप उस पर काम कैसे करोगे। और आती भी है तो हमें बार-बार टर्मिनल से कमांड देनी पड़ेगी। तो इसीलिए इस्तेमाल किया जाता है पैनल जोकि हमारे वेबसाइट के होस्टिंग को मैनेज करने में हमारी मदद करता है।

इसमें हमें बहुत सारे अलग-अलग Functions होते है। जिससे हम आसानी से होस्टिंग को मैनेज कर सकते हैं, कई प्रकार की कंपनियां हैं। जो कि अलग-अलग प्रकार के पैनल प्रोवाइड करती है जैसे Cpanel, Vista panel इत्यादी। 

Bandwidth

Bandwidth kya hoti hai

बैंडविथ का मतलब होता है विशिष्ट समय पर ज्यादा से ज्यादा डाटा ट्रांसफर करने का दर । मतलब जैसे हमारे वेबसाइट के अंदर कोई आता है। तो हमारी वेबसाइट पहले उस के ब्राउज़र के अंदर और डाउनलोड होती है। 

अब अगर हमारी वेबसाइट 1 एमबी की है और हमारी Bandwidth 100 एमबीपीएस की है तो इसको वो मैनेज कर लेगा पर अगर एक साथ 200 विजिटर आते हैं। तो होस्टिंग मैनेज नहीं कर पायेगी तो यही रोल होता है बैंडविथ का।

Download upload speed

हम अगर किसी वेबसाइट से कोही फाइल Download करते है तो वो होस्टिंग के लिए Upload होता है तो उपलोड भी मायने रखता है।

और हमारे लिए जो Upload होता है वो होस्टिंग के लिए डाउनलोड होता है। तो वो होस्टिंग के लिए  डाउनलोड स्पीड पेभी निर्भर करता है।

SSL

SSL यानी Secure Sockets Layer मतलब जब आप किसी वेबसाइट को ओपन करते है तो उसके URL में पहले http या फिर https आता है। इसमेसे जो https वो http मुकाबले secure होता है, क्युकी उसमे SSL लगा होता है और इस SSL को हमें खरीदना पड़ता है।

कही एसी होस्टिंग है जिसमे आपको फ्री में SSL मिलाता तो  हमें होस्टिंग लेते वक्त देखना चाहिए क्या इसके SSL दिया जा रहा है या नहीं ।

डोमेन and ईमेल लिमिट

यह प्रॉब्लम ज्यादा तर shared होस्टिंग के साथ होती, इसमें आपको कुछ लिमिटेड डोमेन add करनेका या फिर कुछ लिमिटेड ईमेल बनाने का ही option मिलता है, और कही सारे होस्टिंग के अंदर आपको फ्री में भी डोमेन मिल जाता है।

Location

मतलब आपके वेबसाइट का सर्वर किस location में है, क्युकी कंप्यूटर गरम होता है, इसलिए उसे हमें उसे थंडा रखना पड़ता है और इसमें अलग से पैसे लगते है।

पर यही सर्वर अगर एसे जगा हो जहापर पहले से ही थंडी हो वहापर इस हमें अलग से पैसे नहीं देने पड़ते। पर अगर उमरी वेबसाइट सिर्फ इंडिया के लिए है तो हमें इंडियन सर्वर लेना चाहिए क्यकी इसमें अंतर कम होंगा तो वेबसाइट जल्दी खुलेगी।

होस्टिंग के प्रकार (Types of Web Hosting in Hindi)

होस्टिंग के कही प्रकार होते है उनको हम आब एक-एक कर समजते है ,तो होस्टिंग के प्रकार नीछे दिए गए है ।

1) Dedicated Hosting

इसमें हमें कंप्यूटर मिलता है जिसे हम इसको Remotely Access कर सकते है, इसमें हर चीज आपके हाथ में होती है। इसमें आपको जो करना वो आप कर सकते हो इसमें आप कुछ भी chenge कर सकते हो । इसे Use करना मुस्किल होता है और यह शक्तिशाली होस्टिंग होती है ।

2) VPS Hosting

VPS Hosting

अब Dedicated Hosting को हमने Virtually बाट दिया अब एक Virtual हिसेको हम VPS Hosting यानि Virtual Private Server कहते है। 

Vps में भी बहोत सारी चीजो को Access कर सकते है यह Dedicated Hosting इतना शक्तिशाली नहीं होता पर यह उससे सस्ता होता है।

3) Shared Hosting

Shared Hosting

अब हमने Virtual Private Server को भी हमने बाट दिया तो आब इसमे जो पार्ट बने उसको Shared Hosting कहा जाता है। इसमें बहोत Limitations होती है, और कमजोर और बिग्ग्नेर के लिए होती है, इसे इस्तमाल करना आसन होता है और यह होस्टिंग सस्ती होती है ।

4) Cloud hosting

यह होस्टिंग सबसे ज्यादा सक्तिशाली होस्टिंग होती है क्युकी इसके अंदर हम दो या दो से ज्यादा कंप्यूटर का इस्माल किया जाता है एसा इसलिए किया जाता है, क्युकी कंप्यूटर की कोहिन कोही लिमिट होती है। और एक कंप्यूटर पे ज्यादा लोड हो जाता है इसलिए क्लाउड होस्टिंग का उसे किया जाता जिससे कम लोड आए।

क्लाउड होस्टिंग ही आने वाले दिनों चलने वाली है क्यकी दिनबदिन क्लाउड storge का इस्माल जादा किया जा राहा है ।

बेस्ट Hosting कैसे चुने?

बेस्ट होस्टिंग चुनने के लिए आप  उपर दिए गए सभी चीजो का द्यान रखे यह चीजे आपको हमेशा काम में आएगी आछी होस्टिंग लेने में ।

पर इसमें यह सब चीजे है एसे दिखाकर कही लोग पागल भी बनाते है। जिसमे यह बताया जाता है हमारे होस्टिंग के अंदर सारी चीजे है। पर सचाई यह नहीं होती इसलिए आपको ब्रांड के साथ जाना चिहिए। कुछ पैसे बचाने की वजहासे आपको प्रॉब्लम भी हो सकती है। 

वैसे मार्किट में ब्रांड तो बहोत सारे है, पर में पर्सनली Namecheap का इस्तमाल करता हु इसलिए आप अगर beginner है। तो आप Namecheap के साथ जाओ यही मे रेकमेंड करूँगा क्यकी सबसे आछा और सस्ता ऑप्शन है।

इस पोस्ट में हमने इन चीजों के बारे में जाना?

इस पोस्ट हमने सबसे पहले जाना की होस्टिंग क्या होती है इसका क्या मतलब। इसके बाद हमने जाना इसके अंदर क्या क्या चीजे होती है। उसमे हमने हर चीज के बारेमे विस्तार से जानकारी ली।

उसके बाद हम उनके प्रकार के ऊपर आए और प्रकार के बारेमे विस्तार जानकारी ली इसमें हमने Dedicated Hosting, VPS Hosting, Shared Hosting और Cloud hosting।इसको समजा मतलब हर जो चीज जोकि होस्टिंग लेने से पहले जरुरी होती है उनके बारेमे इस ब्लॉग हमने जानकारी ली।

तो आपको अगर यह पोस्ट आछी लगी तो आप इसको शेर करो आपने दोस्तों के साथ और आप हमारे बाकी ब्लॉग पड़ सकते है जिससे आपको बहोत कुछ सिखानेको मिलेगा।

6) संबंधित प्रश्न

1) होस्टिंग के बिना वेबसाइट कैसे बनाएं?

होस्टिंग के बिना वेबसाइट नहीं बन सकती है क्यकी वेबसाइट रखने के लिए कोहिन कोही जगहा लगती ही है। हा पर मार्किट में कही कंपनिया आपको फ्री में होस्टिंग देती है उसको इस्माल करके आप वेबसाइट बना सकते हो।

2) Free Hosting का Use करना चाहिए?

फ्री होस्टिंग का इस्तमाल नहीं करना चाहिए क्यकी यह होस्टिंग इतनी शक्तिशाली नहीं होती, और यह फ्री होने के आपको कभीभी धोका दे सकती है।

3) Domain और Hosting में क्या अंतर है?

Domain मतलब वेबसाइट का नाम जो की हमें रजिस्टर करना पड़ता है, और होस्टिंग का मतलब एसा कंप्यूटर जहापर वेबसाइट स्टोर रहेगी।

4) Beginner के लिए कोनसी होस्टिंग होती है?

Beginner के लिए Shared Hosting होती है। क्यकी यह सस्ती होती है और इसे इस्तमाल करना आसान होता है ।

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